सहसों बिठौली थाना क्षेत्रों में सक्रिय माफिया नेटवर्क, राजस्व को लाखों का चूना
चकरनगर/इटावा। मध्य प्रदेश से आने वाले अवैध व ओवरलोड मोरंग परिवहन का कारोबार बॉर्डर से सटे सहसों और बिठौली थाना क्षेत्रों में खुलेआम फल-फूल रहा है। आरोप है कि बालू माफिया और स्थानीय पुलिस की मिलीभगत से यह गोरखधंधा शाम ढलते ही रफ्तार पकड़ लेता है, जिससे सरकार को रोज़ाना लाखों रुपये के राजस्व का नुकसान उठाना पड़ रहा है।बताया जा रहा है कि माफिया पहले अधिकारियों और पुलिस की तैनाती की रैकी कराते हैं। जैसे ही रास्ता साफ होने का संकेत मिलता है, ट्रैक्टर-ट्रॉलियां और ट्रक अवैध व ओवरलोड मोरंग लेकर फर्राटा भरने लगते हैं। स्थानीय लोगों का कहना है कि जिम्मेदार अधिकारी या तो इस पूरे मामले से अनजान बने हुए हैं या फिर जानबूझकर आंखें मूंदे हुए हैं।
अवैध मोरंग से लदी ट्रैक्टर ट्रॉलियां सहसों थाना क्षेत्र के बल्लो गढ़िया, पांडरी बाबा और सोनेपुरा मार्ग से होकर पूरे क्षेत्र में सप्लाई की जा रही हैं। वहीं बल्लो गढ़िया मार्ग से चौरेला होते हुए बिठौली थाना क्षेत्र में भी धड़ल्ले से मोरंग का अवैध परिवहन किया जा रहा है। हैरानी की बात यह है कि ये वाहन हनुमंतपुरा चौराहे पर लगी पुलिस पिकेट के सामने से ही गुजरते हैं, लेकिन इन्हें रोकना भी जरूरी नहीं समझा जाता।
ग्रामीणों का आरोप है कि भारी और ओवरलोड वाहनों के कारण ग्रामीण सड़कों की हालत जर्जर होती जा रही है, वहीं दुर्घटनाओं का खतरा भी लगातार बढ़ रहा है। कई बार शिकायतों के बावजूद ठोस कार्रवाई न होने से लोगों में भारी नाराजगी है।
क्षेत्रवासियों ने मांग की है कि बॉर्डर पर नियमित निगरानी, अचानक छापेमारी और दोषियों पर सख्त कार्रवाई की जाए। साथ ही अधिकारियों की रैकी कराने वाले नेटवर्क की भी गहन जांच कर उस पर शिकंजा कसा जाए, ताकि अवैध खनन और ओवरलोड परिवहन के इस बढ़ते कारोबार की कमर तोड़ी जा सके। लोगों का यह भी कहना है कि पूरे मामले में कुछ आरक्षियों की कॉल डिटेल जांच बड़ा खुलासा कर सकती है।
इस संबंध में सीओ चकरनगर अवनीश कुमार सिंह ने कहा अवैध खनन या मोरंग परिवहन की फिलहाल कोई जानकारी नहीं है। मामले की जांच कराई जाएगी। यदि अवैध मोरंग परिवहन पाया गया, तो संबंधितों के खिलाफ कार्रवाई की जाएगी।
