इटावा।जब उम्मीदें बार बार ठुकरा दी जाएं, तो दर्द भी आवाज बन जाता है। कुछ ऐसा ही दृश्य सोमवार दोपहर जिलाधिकारी कार्यालय के बाहर देखने को मिला, जहां एक विकलांग व्यक्ति ने अपनी शिकायतों को माला बनाकर गले में पहन लिया और व्यवस्था के खिलाफ खामोश लेकिन गूंजता हुआ विरोध दर्ज कराया।
भरथना नगरपालिका के पुराना भरथना कस्बा वार्ड नंबर एक निवासी रवि कुमार पुत्र प्रेम नारायण की आंखों में बेबसी साफ झलक रही थी। वर्षों से वह प्रधानमंत्री आवास योजना के तहत एक छत की आस लगाए बैठा है, लेकिन हर बार उसे सिर्फ आश्वासन ही मिला। थक हारकर जब उम्मीदों की डोर टूटने लगी, तो उसने अपनी पीड़ा को अनोखे अंदाज में बयां करने का फैसला किया।
रवि का कहना है कि उसका मकान पिछले करीब 20 वर्षों से जर्जर हालत में खड़ा है, जो हर पल गिरने को तैयार रहता है। बरसात में टपकती छत और गर्मी में झुलसती दीवारें उसकी परेशानियों को और बढ़ा देती हैं। कई बार सर्वे हुआ, कागज बने, अधिकारी आए और फोटो खींची गई, लेकिन उसके हिस्से में सिर्फ इंतजार ही आया।

पीड़ित का आरोप है कि भरथना नगर पालिका से लेकर डूडा विभाग, एडीएम, डीएम और सीएम पोर्टल तक कई बार शिकायत करने के बावजूद हर बार उसे जांच के नाम पर टाल दिया गया। इससे वह मानसिक रूप से भी टूट चुका है। उसकी यह शिकायतों के पन्नों की माला सिर्फ कागजों का ढेर नहीं, बल्कि अधूरी उम्मीदों और टूटी आस का प्रतीक बन गई है।सोमवार को डीएम कार्यालय के बाहर खड़ा रवि कुमार किसी एक व्यक्ति की नहीं, बल्कि उन तमाम जरूरतमंदों की आवाज बन गया, जो आज भी एक अदद छत के लिए दर दर भटकने को मजबूर हैं।
