रिपोर्ट -सुशील कान्त चौधरी
जसवंतनगर। मॉडल तहसील के सामने हाईवे पर शनिवार देर शाम हुए सड़क हादसे में घायल डायल–112 के सिपाही सुरेंद्र कुमार मौर्य (38) ने रविवार सुबह सैफई मेडिकल कॉलेज में दम तोड़ दिया। हादसे की सूचना मिलते ही पुलिस विभाग में शोक की लहर दौड़ गई। साथी पुलिसकर्मी उनके व्यवहार, कर्तव्यनिष्ठा और सरल स्वभाव को याद कर भावुक हो उठे।
शनिवार शाम ड्यूटी पर निकली डायल–112 की गाड़ी को तेज रफ्तार ट्रक ने सामने से जोरदार टक्कर मार दी। टक्कर इतनी भीषण थी कि सिपाही सुरेंद्र और उनके साथी कांस्टेबल सुधांशु गंभीर रूप से घायल हो गए। दोनों को प्राथमिक उपचार के बाद सैफई मेडिकल कॉलेज रेफर किया गया, जहां इलाज के दौरान सुरेंद्र ने दम तोड़ दिया। कांस्टेबल सुधांशु का उपचार जारी है।

हादसे की जानकारी होते ही जसवंतनगर पुलिस मौके पर पहुंची और कानूनी कार्रवाई करने के बाद शव को पोस्टमार्टम के लिए भेजा।
पोस्टमार्टम के दौरान सीओ सैफई केपी सिंह, थाना प्रभारी जसवंतनगर कमल भाटी, सैफई प्रभारी निरीक्षक भूपेंद्र सिंह राठी सहित बड़ी संख्या में पुलिसकर्मी मौजूद रहे। सभी ने नम आंखों से अपने साथी को अंतिम विदाई दी।

मूल रूप से झांसी के थाना प्रेम नगर क्षेत्र के ग्राम राजगढ़ निवासी सुरेंद्र की भर्ती 13 जनवरी 2011 को हुई थी। 19 सितंबर 2022 से वे जसवंतनगर डायल–112 पर तैनात थे। उनके आकस्मिक निधन से पूरा विभाग शोक में डूब गया है।
साथियों के अनुसार, सुरेंद्र शांत, मिलनसार और कर्तव्यनिष्ठ सिपाही थे, जो हर परिस्थिति में सबसे आगे मिलते थे।

सुरेंद्र के निधन से परिवार पर दुखों का पहाड़ टूट पड़ा है। पत्नी मोनिका का रो-रोकर बुरा हाल है। उनकी मासूम बेटियाँ माही और भूमि लगातार पूछ रही हैं—“पापा कब आएंगे?” यह सवाल सुनकर परिजन और पड़ोसी भी भावुक हो उठते हैं।

पिता नेत्रपाल ने बताया कि तीन बेटों में सुरेंद्र सबसे बड़ा था। “दो महीने पहले ही घर आया था… आज यह दुखद समाचार मिला तो पूरा परिवार बिखर गया,” उन्होंने रोते हुए कहा। मां सुमित्रा की हालत भी खराब है। गांव में शोक छाया हुआ है।
फर्ज निभाते हुए अपनी जान गंवाने वाले सिपाही सुरेंद्र मौर्य को विभाग और क्षेत्र के लोग उनकी ईमानदारी, सादगी और सेवा भाव के लिए हमेशा याद रखेंगे। पुलिस कर्मियों ने उन्हें सच्ची श्रद्धांजलि दी।
