एंबुलेंस 20 मिनट तक नहीं पहुंची, पुलिस ने सरकारी वाहन से कराया अस्पताल में भर्ती
रिपोर्ट -सुशील कान्त चौधरी
सैफई। इटावा–मैनपुरी रोड पर वैदपुरा कस्बे के पास बुधवार सुबह लगभग 10 बजे हुए दर्दनाक सड़क हादसे में बाइक सवार दंपती गंभीर रूप से घायल हो गए। हादसा इतना भयावह था कि पत्नी के दोनों पैर कट गए, जबकि पूर्व सैनिक पति बुरी तरह घायल हो गए। घटना के बाद एंबुलेंस सेवा की लापरवाही पर स्थानीय लोगों में भारी रोष देखा गया।नगला तेज, थाना सैफई निवासी 65 वर्षीय हरविलास सिंह, जो पूर्व सैनिक हैं और वर्तमान में इटावा के थाना फ्रेंड्स कॉलोनी क्षेत्र के न्यू तुलसी नगर में रहते हैं, अपनी पत्नी गीता देवी (60 वर्ष) के साथ मोटरसाइकिल से गांव की ओर जा रहे थे। जैसे ही वे वैदपुरा के पास पहुँचे, पीछे से तेज रफ्तार डंपर ने मोटरसाइकिल को जोरदार टक्कर मार दी।टक्कर लगते ही गीता देवी सड़क पर गिर गईं और डंपर का पिछला पहिया उनके पैरों पर चढ़ गया,

जिससे उनके दोनों पैर बुरी तरह कुचल गए। राहगीरों और दुकानदारों ने तुरंत डायल 108 और 102 पर कई बार फोन किए, लेकिन लगभग 20 मिनट तक एंबुलेंस नहीं पहुंची। गंभीर हालत को देखते हुए मौके पर मौजूद पुलिस ने अपनी सरकारी गाड़ी से दोनों घायलों को उत्तर प्रदेश आयुर्विज्ञान विश्वविद्यालय, सैफई के ट्रॉमा सेंटर पहुंचाया।अस्पताल में चिकित्सकों ने गीता देवी की जान बचाने के लिए उनके दोनों पैर काटने का कठिन निर्णय लिया। पूर्व सैनिक हरविलास सिंह के घुटने और कंधे में गंभीर चोटें आई हैं, हालांकि उनकी स्थिति स्थिर बताई जा रही है।स्थानीय लोगों ने एंबुलेंस सेवा की देरी पर नाराजगी जताते हुए कहा कि यदि एंबुलेंस समय पर पहुंच जाती, तो महिला का रक्तस्राव कम हो सकता था और हालात कुछ हद तक नियंत्रित रह सकते थे।

घटना के बाद पूर्व सैनिक हरविलास सिंह ने दर्द भरे स्वर में बताया,“हम गांव पहुंचने ही वाले थे, तभी पीछे से अचानक डंपर ने टक्कर मार दी। मेरी पत्नी सड़क पर गिर गईं और डंपर उनके पैरों पर चढ़ गया। लोगों ने कई बार फोन किए, लेकिन एंबुलेंस नहीं आई। अगर समय पर एंबुलेंस मिल जाती, तो शायद उनकी हालत इतनी न बिगड़ती।”
