जसवंतनगर। नगर की सुप्रसिद्ध रामलीला में बुधवार को एक और ऐतिहासिक प्रसंग हुआ इस बार बोखलाए रावण ने अपने भाई कुम्भकर्ण और पुत्र मेघनाद को नगर की सड़कों पर युद्ध मैदान में उतारा। विशालकाय विमान रामलीला मैदान से प्रारम्भ होकर छोटा चौराहा, पंसारी बाजार, कैला मईया मंदिर, मे दर्शन कर माँ का आशीष लेता हुआ जैन मोहल्ला होकर कटरा पुख्ता मे नरसिंह मंदिर पहुँचा।मार्ग में राक्षस दल ने उत्पात मचाते हुए कोड़े बरसाए और जयकारों के बीच गगनभेदी घोष करते हुए नगर की गलियों से गुजरा।

नरसिंह मंदिर पहुँचने पर रावण दल का सामना भगवान श्रीराम, लक्ष्मण, हनुमान और वानर सेना से हुआ। इसी दौरान रावण पुत्र मेघनाद अपनी राक्षसी सेना के साथ राम दल पर टूट पड़ा। भीषण युद्ध दृश्य में तलवार, भाले, फरसे और तीर-कमान के प्रयोग ने दर्शकों को रोमांचित कर दिया।युद्ध करते हुए लाला स्व. शैलेन्द्र प्रसाद ‘रईस’ की हवेली पर जहाँ उनके पुत्र सिद्धार्थ प्रसाद रईस ने मर्यादा पुरुषोत्तम भगवान श्रीराम की आरती की इंद्रजीत बने अलौकिक गौर व रामलीला कमेटी ने सिद्धार्थ रईस परिवार का माल्यार्पण कर स्वागत किया आज की सड़क लीला में कुम्भकर्ण की भूमिका गंभीर यादव ने निभाई, जबकि मेघनाद की भूमिका में मेला प्रबंधक और उप प्रबंधक के पुत्र क्रमशः शुभ गुप्ता और अलौकिक गौर ने उम्दा अभिनय किया। दोनों ने राम दल के साथ दमदार युद्ध दृश्य प्रस्तुत कर दर्शकों की खूब वाहवाही लूटी।
