रिपोर्ट -सुशील कान्त चौधरी
जसवंतनगर (इटावा)। क्षेत्र के ग्राम जैनपुर नागर में आयोजित “बौद्ध भीम गाथा” कार्यक्रम में उस समय श्रद्धा और आध्यात्मिकता का अद्भुत संगम देखने को मिला, जब कथा वाचिका प्रेमा अंबेडकर ने भगवान गौतम बुद्ध के जन्म की पावन एवं प्रेरणादायक कथा का भावपूर्ण वाचन किया। कथा सुनकर उपस्थित श्रद्धालु भावविभोर हो उठे और पूरे पंडाल में भक्ति का वातावरण छा गया।
कथा वाचन के दौरान उन्होंने बताया कि भगवान बुद्ध के जन्म से पूर्व उनकी माता महारानी माया देवी ने एक दिव्य स्वप्न देखा था, जिसमें एक श्वेत हाथी उनके गर्भ में प्रवेश करता है। विद्वानों ने इसे एक महान आत्मा के आगमन का संकेत माना। आगे उन्होंने बताया कि लुंबिनी के पावन उपवन में माया देवी ने एक बालक को जन्म दिया, जो आगे चलकर पूरी दुनिया को सत्य, अहिंसा और करुणा का मार्ग दिखाने वाले गौतम बुद्ध बने।
उन्होंने बड़े ही मार्मिक ढंग से वर्णन किया कि जन्म लेते ही बालक बुद्ध ने सात कदम चलते हुए मानवता को शांति और सत्य का संदेश दिया। उनके प्रत्येक कदम के नीचे कमल का फूल प्रकट होने की कथा ने श्रोताओं को मंत्रमुग्ध कर दिया। कथा के बीच-बीच में दिए गए उनके प्रेरक संदेशों ने लोगों को जीवन में सदाचार और मानव सेवा के मार्ग पर चलने के लिए प्रेरित किया।

इस मौके पर अर्जुन सिंह, हुकुम सिंह, भीम प्रकाश, आनंदप्रिय गौतम, राजेंद्र सिंह, भारत सिंह, अकल सिंह, चन्द्र प्रकाश, रमाकांत, सुशील कान्त (पत्रकार), सत्येंद्र सिंह (मास्टर), सतीश बाबू, सचिन, मातादीन, महेश, मायाराम, गंगादीन सहित भारी संख्या में बहू-बेटियां व महिलाएं मौजूद रहीं।
कार्यक्रम के दौरान श्रद्धालुओं ने पूरे मनोयोग से कथा का श्रवण किया और भगवान बुद्ध के बताए मार्ग को अपने जीवन में अपनाने का संकल्प लिया। आयोजन स्थल पर देर तक भक्ति, शांति और सामाजिक समरसता का वातावरण बना रहा। आयोजकों ने अधिक से अधिक लोगों से आगामी दिनों में भी कार्यक्रम में पहुंचकर पुण्य लाभ लेने की अपील की।
