रिपोर्ट -सुशील कान्त चौधरी
जसवंतनगर। चौ0 सुघर सिंह एजुकेशनल एकेडमी (ऑटोनोमस संस्थान) के तत्वावधान में “विकसित भारत की ओर भारत का अभियान 2047 : उपलब्धियां एवं चुनौतियां” विषय पर दो दिवसीय राष्ट्रीय सेमिनार का शुभारम्भ गरिमामय वातावरण में हुआ। कार्यक्रम का आरम्भ माँ सरस्वती के चित्र पर पुष्पांजलि एवं दीप प्रज्ज्वलन के साथ किया गया।
मुख्य अतिथि के रूप में Bundelkhand Institute of Engineering and Technology के निदेशक प्रो. (डॉ.) जितेन्द्र कुमार शर्मा उपस्थित रहे। मुख्य वक्ता के रूप में इलाहाबाद यूनिवर्सिटी के डॉ. जगदीश नारायण पुरवार तथा जीवाजी यूनिवर्सिटी के डॉ. उमेश होलानी ने विकसित भारत के लक्ष्य, नीतिगत सुधारों और शैक्षणिक नवाचारों पर विस्तार से विचार रखे।
विशिष्ट अतिथि के रूप में छत्रपति शाहू जी महाराज विश्वविद्यालय के महाविद्यालय विकास परिषद के निदेशक प्रो. (डॉ.) राजेश कुमार द्विवेदी उपस्थित रहे। साथ ही संस्थान के चेयरमेन डॉ. बृजेश चंद्र यादव, प्रबंध निदेशक श्री अनुज मोंटी यादव, पूर्व क्षेत्रीय उच्च शिक्षा अधिकारी डॉ. रिपुदमन सिंह, सेमिनार के आयोजक सचिव डॉ. संदीप पाण्डेय, प्राचार्य डॉ. जितेन्द्र यादव सहित प्रबंध समिति के सदस्य अशांक हनी यादव की गरिमामयी उपस्थिति रही।

कार्यक्रम में छत्रपति शाहू जी महाराज विश्वविद्यालय के कुलपति प्रो. (डॉ.) विनय कुमार पाठक ने ऑनलाइन माध्यम से सहभागिता कर संस्थान परिवार का उत्साहवर्धन किया, जिसे महाविद्यालय के लिए गौरवपूर्ण क्षण बताया गया।
सेमिनार में विभिन्न जनपदों से आए शोधार्थियों द्वारा शोधपत्र प्रस्तुत किए गए। इटावा एवं कानपुर के अनेक महाविद्यालयों के प्राचार्य, विभागाध्यक्ष एवं शिक्षाविद उपस्थित रहे। इस अवसर पर अतिथियों द्वारा सेमिनार स्मारिका का विमोचन भी किया गया।
कार्यक्रम का संचालन सेमिनार संयोजक असिस्टेंट प्रोफेसर ऋषीपाल सिंह ने किया। आयोजन में विभागाध्यक्ष नितिन आनंद, डॉ. आस्था त्रिपाठी, धर्मेंद्र कुमार, रक्षा, अजय कुमार, हिमांशी, रागिनी, आसिफ, डॉ. यादुवेन्द्र यादव व डॉ. दिनेश कुमार सहित समस्त स्टाफ की सक्रिय भूमिका रही।
सेमिनार के प्रथम दिवस में विकसित भारत-2047 के लक्ष्य को प्राप्त करने में शिक्षा, शोध एवं नवाचार की भूमिका पर गहन मंथन किया गया। दूसरे दिन विभिन्न तकनीकी सत्रों में शोधपत्रों पर चर्चा एवं सुझाव प्रस्तुत किए जाएंगे।
