इटावा जनपद के करनपुरा मोहल्ले में बुधवार रात बेटी की बरात आने से पहले घर में शराब पीने के दौरान हुए विवाद ने खूनी रूप ले लिया। जीजा–साले के बीच हुए झगड़े में जीजा समेत तीन लोग गंभीर रूप से घायल हो गए। सभी को इलाज के लिए जिला अस्पताल से उत्तर प्रदेश आयुर्विज्ञान विश्वविद्यालय सैफई रेफर किया गया, जहां गुरुवार शाम इलाज के दौरान 50 वर्षीय उमेश चंद्र बाथम की मौत हो गई।
घटना कोतवाली क्षेत्र के करनपुरा मोहल्ले की है। मृतक उमेश चंद्र बाथम की बहन की बेटी की शादी बुधवार को थी। शहर के रेलवे स्टेशन रोड स्थित नारायण बैंकट हॉल में बरात के स्वागत की तैयारियां चल रही थीं। मृतक का बेटा सोनू परिवार के साथ बैंकट हॉल में था, जबकि घर पर उमेश चंद्र, उनके चाचा पिंकू बाथम, सढ़वाई गुड्डू पुत्र रामदास और मामा प्रेम सिंह मौजूद थे।
सोनू के अनुसार रात करीब 9 बजे शराब पीने के दौरान आपसी कहासुनी बढ़ गई। आरोप है कि मामा प्रेम सिंह ने घर में रखी लोहे की खुरपी और सब्जी बनाने वाले झाबे से उमेश चंद्र, पिंकू बाथम और गुड्डू पर हमला कर दिया। हमले में तीनों के सिर में गंभीर चोटें आईं। जिला अस्पताल में प्राथमिक उपचार के दौरान उमेश चंद्र और पिंकू बाथम के सिर में 32 से अधिक टांके आए, जिसके बाद उन्हें सैफई रेफर किया गया। गुरुवार शाम उमेश चंद्र ने दम तोड़ दिया, जबकि पिंकू बाथम और गुड्डू का इलाज जारी है और उनकी हालत गंभीर बनी हुई है।
सीओ सिटी अभय नारायण राय ने बताया कि शराब के सेवन के बाद जीजा–साले के बीच विवाद हुआ, जिसमें दोनों पक्षों से चार लोग घायल हुए। इलाज के दौरान उमेश चंद्र बाथम की मौत हो गई है। मृतक के बयान पहले ही दर्ज किए जा चुके हैं। बेटे सोनू की तहरीर पर बुधवार रात मारपीट का मुकदमा दर्ज किया गया था, अब मौत के बाद धाराओं में बढ़ोत्तरी की जाएगी।
