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शिवपुराण कथा का भव्य समापन, रुद्राक्ष व भस्म की महिमा का हुआ विस्तार से वर्णन

महेवा,इटावा। विकास खंड महेवा क्षेत्र के ग्राम बहेड़ा में 22 जनवरी से चल रही शिवपुराण कथा को विधिवत समापन हुआ। कथा के अंतिम दिन शुक्रवार को आचार्य राजन महाराज ने शिवपुराण के अंतिम अध्याय पर प्रवचन करते हुए कथा के महत्व, समापन प्रसंग, रुद्राक्ष एवं भस्म की महिमा का विस्तार से वर्णन किया।

आचार्य राजन महाराज ने कहा कि शिव की महिमा अपरंपार है। सभी वेद पुराणों में भगवान शिव को महान बताया गया है। वे सृष्टि के संहारक होने के साथ साथ सभी देवों के महादेव हैं। उन्होंने शिव पूजा की विधि तथा शिव-पार्वती की स्तुति के महत्व पर प्रकाश डालते हुए बताया कि शिवपुराण का अंतिम अध्याय यह संदेश देता है कि जो व्यक्ति प्रेम और भक्ति से इस पुराण का श्रवण करता है, वह संसार के मोह माया के बंधनों से मुक्त होकर मोक्ष को प्राप्त करता है और जीवन के अंत में शिवधाम को जाता है।

आचार्य श्री ने कहा कि कलयुग में शिवपुराण कथा, रामकथा एवं भागवत कथा का श्रवण मात्र ही मानव के उद्धार के लिए पर्याप्त है, जबकि अन्य युगों में लोगों को कठोर तपस्या करनी पड़ती थी। कथा श्रवण से जीवन में आध्यात्मिक शांति और सद्गुणों का विकास होता है।

कथा के अंतिम दिन समाजसेवी एवं सहकारी संघ महेवा के अध्यक्ष राजीव चौधरी ने पहुंचकर फलाहारी गुरु जी सुरेश जी महाराज, कथा वाचक आचार्य राजन जी महाराज, समस्त सहायकों, वरुण ब्राह्मणों तथा परीक्षित ओमप्रकाश पोरवाल एवं उनकी धर्मपत्नी सुशीला पोरवाल का माल्यार्पण व अंगवस्त्र भेंटकर सम्मान किया।

वहीं आयोजक मंडल की ओर से रामवीर पोरवाल सहित समस्त पोरवाल परिवार ने कथा में उपस्थित श्रोताओं एवं भक्तजनों का आभार व्यक्त किया। आयोजकों ने बताया कि शनिवार को विशाल हवन, पूर्णाहुति एवं महाआरती का आयोजन किया जाएगा, जबकि 1 फरवरी रविवार को विशाल भंडारे का आयोजन होगा।

By G-News18

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