इटावा के भरथना वन रेंज कार्यालय से कुछ ही दूरी पर भारी मात्रा में प्रतिबंधित हरे-भरे पेड़ों का अवैध रूप से कटान किया गया है। प्राप्त जानकारी के अनुसार लकड़ी माफिया द्वारा आरा मशीन से पेड़ों को काटकर छोटे-छोटे टुकड़ों में ट्रैक्टर व डीसीएम के माध्यम से भेजा जा रहा है। इस पूरी कार्रवाई के बावजूद वन विभाग की ओर से कोई ठोस कदम नहीं उठाया गया है। स्थानीय सूत्रों ने बताया कि लकड़ी माफिया ने एक पूरे बाग को तहस-नहस कर दिया है, जबकि उत्तर प्रदेश सरकार द्वारा चलाए जा रहे वृक्षारोपण और ‘ग्रीन इंडिया, क्लीन इंडिया’ अभियान को इससे गहरी चोट पहुंची है।
बुधवार देरशाम 5 बजे उक्त बाबत में भरथना वन क्षेत्राधिकारी सौगत उल्ला खान से बात की गई, तो उन्होंने बताया कि मौके पर टीम भेजी गई थी, लेकिन लकड़ी माफिया टीम के पहुंचने से पहले ही फरार हो गए।
फिलहाल समाचार लिखे जाने तक न तो कोई एफआईआर दर्ज की गई है और न ही किसी के विरुद्ध कोई कार्रवाई की गई है। वन विभाग की चुप्पी से साफ है कि इस पूरे मामले में कहीं न कहीं मिलीभगत की बू आ रही है।
प्रश्न उठता है: आखिर जब वन रेंज कार्यालय के नजदीक ही यह सब हो सकता है, तो बाकी इलाकों की सुरक्षा की क्या गारंटी है?
