ताखा ,इटावा। ताखा क्षेत्र के ऊसराहार अंतर्गत ग्राम पुरैला स्थित श्री ठाकुर जी महाराज शाला मंदिर पर आयोजित श्रीमद् भागवत कथा के दौरान गोवर्धन लीला प्रसंग सुनकर श्रद्धालु भाव-विभोर हो उठे। कथा के दौरान प्रस्तुत भगवान शिव एवं माता पार्वती की मनमोहक झांकी ने भक्तों का मन मोह लिया।
श्रीमद् भागवत कथा का आयोजन पूर्व शिक्षक सुरेंद्र कुमार अग्निहोत्री द्वारा कराया गया। कथा में जितेंद्र कुमार अग्निहोत्री एवं उनकी पत्नी शर्मिला अग्निहोत्री ने परीक्षित का पदभार ग्रहण किया।सरस कथा वाचक सुनील शुक्ला ने कथा के छठवें दिन गोवर्धन लीला का भावपूर्ण वर्णन करते हुए कहा कि भगवान श्रीकृष्ण ने अभिमानियों के अभिमान का नाश करने, धर्म की रक्षा करने तथा भक्तों को सुख प्रदान करने के लिए ही अवतार लिया। उन्होंने बताया कि देवराज इंद्र को अपने बल और अधिकार का घमंड था, जिसके चलते उन्होंने घनघोर वर्षा कराई।
भगवान श्रीकृष्ण ने गोवर्धन पर्वत को अपनी कनिष्ठा उंगली पर धारण कर ब्रजवासियों की रक्षा की और इंद्र के अभिमान का मर्दन किया। तभी से सनातन धर्म में गोवर्धन पूजा की परंपरा अनवरत चली आ रही है।कथा के दौरान आदर्श कुमार दुबे एवं उनकी पत्नी मंजू देवी द्वारा कथा वाचक सुनील कुमार शुक्ला का माला पहनाकर स्वागत किया गया।इस अवसर पर बड़ी संख्या में श्रद्धालु भक्तगण उपस्थित रहे और कथा का पुण्य लाभ प्राप्त
