इटावा जिले की तहसीलों में बढ़ते भ्रष्टाचार, अवैध वसूली और न्याय व्यवस्था की अनदेखी को लेकर अब अधिवक्ता समुदाय खुलकर विरोध में उतर आया है। सोमवार को जिला बार एसोसिएशन के पदाधिकारियों और करीब आधा सैकड़ा अधिवक्ताओं ने जिलाधिकारी कार्यालय पहुंचकर गंभीर आरोपों वाला ज्ञापन सौंपा।

अधिवक्ताओं ने आरोप लगाया कि तहसीलों में आम नागरिकों व किसानों से काम करवाने के नाम पर अवैध रुपए वसूले जाते हैं। बिना धन लिए राजस्व फाइलें आगे नहीं बढ़तीं और पारदर्शिता पूरी तरह समाप्त हो चुकी है। वकीलों ने एक हालिया घटना का जिक्र करते हुए कहा कि 20 नवंबर को जमीन विवाद में तहसील पहुंचे किसान के साथ लेखपाल और कानूनगो द्वारा अभद्रता एवं मारपीट की गई। किसान काफी देर तक न्याय की गुहार लगाता रहा, लेकिन उसकी सुनवाई नहीं हुई।

इस घटना से अधिवक्ताओं में आक्रोश फैल गया और इसके विरोध में बार एसोसिएशन ने कार्रवाई की मांग करते हुए ज्ञापन सौंपा।जिला बार एसोसिएशन के अध्यक्ष राजेश त्रिपाठी ने कहा कि जिले की तहसीलों में भ्रष्टाचार चरम पर है। किसान, गरीब और जरूरतमंद लोग दफ्तरों के चक्कर लगाते रहते हैं, लेकिन बिना पैसे उनकी सुनवाई नहीं होती। उन्होंने चेतावनी दी कि यदि दोषियों पर कार्रवाई नहीं हुई और भ्रष्टाचार नहीं रुका, तो अधिवक्ता आंदोलन करने को विवश होंगे।
उन्होंने यह भी बताया कि तहसीलों की कार्यप्रणाली में सुधार, पारदर्शिता और किसान हितों की सुरक्षा को लेकर जल्द समिति गठित की जा सकती है।
डीएम ने ज्ञापन को गंभीरता से लेते हुए कहा कि किसान से हुई कथित मारपीट के मामले की निष्पक्ष जांच कराई जाएगी और दोषियों पर आवश्यक कार्रवाई सुनिश्चित की जाएगी।
