महेवा/बकेवर। जनता कॉलेज बकेवर के बी.एससी. कृषि रावे कार्यक्रम के तहत ग्राम सुनवर्षा में किसानों की समस्याओं और उनके समाधान पर केंद्रित एक दिवसीय किसान गोष्ठी/प्रशिक्षण कार्यक्रम का आयोजन किया गया। कॉलेज के छात्र-छात्राओं एवं विषय विशेषज्ञों ने ग्रामीण किसानों को आधुनिक कृषि तकनीकों, रोग प्रबंधन, पशुपालन, जल संरक्षण और फसल उत्पादकता बढ़ाने के वैज्ञानिक उपायों की जानकारी दी।
कार्यक्रम के मुख्य अतिथि कॉलेज के प्राचार्य डॉ. आर.के. त्रिपाठी ने किसानों को संबोधित करते हुए कहा कि कृषि में अधिक लाभ तभी संभव है, जब किसान आधुनिक तकनीकों को अपनाएँ और मृदा परीक्षण के आधार पर एकीकृत पोषक तत्व प्रबंधन करें।उन्होंने व्यावसायिक खेती अपनाने पर विशेष जोर दिया।
तकनीकी प्रशिक्षण व वैज्ञानिक सुझाव
वक्ता प्रो. पी.के. राजपूत ने संतुलित उर्वरक प्रयोग, जल संरक्षण तकनीक, उन्नत बीजों के उपयोग, फसल चक्र व मिश्रित खेती के लाभों पर विस्तार से बताया।
प्रो. एम.पी. सिंह ने कृषि प्रशिक्षण के महत्व पर प्रकाश डालते हुए कहा कि समय से जुताई, बुवाई, सिंचाई, निराई और कीट-रोग प्रबंधन अपनाने से फसलों की उत्पादकता कई गुना बढ़ सकती है। उन्होंने गेहूं की नवीनतम प्रजातियाँ—HD 2967, 3385, DBW 370, 371, 372 व पूसा गौरव—नवंबर माह में सीड ड्रिल से बोने की सलाह दी।सरसों में विरलीकरण, टॉपिंग व 0.02% थायो यूरिया के प्रयोग से पैदावार बढ़ाने के उपाय भी बताए।
डॉ. एम.पी. यादव, वरिष्ठ वैज्ञानिक उद्यान विज्ञान ने सब्जी एवं बागवानी की नवीनतम तकनीकों की जानकारी देते हुए फूलों और फलों की वैज्ञानिक खेती से अधिक आय प्राप्त करने पर जोर दिया।
पशुपालन बना आय का मजबूत स्रोत
पशुपालन एवं दुग्ध विज्ञान विभाग के अध्यक्ष डॉ. आदित्य कुमार ने कहा कि हर किसान को एक-दो दुधारू पशु अवश्य पालने चाहिए। इससे गोबर खाद उपलब्ध होने के साथ अतिरिक्त आय भी प्राप्त होती है। उन्होंने संतुलित आहार, स्वच्छ दुग्ध उत्पादन और टीकाकरण के महत्व पर विशेष जानकारी दी।
फसल रोग प्रबंधन पर विशेष सत्र
पादप रोग विज्ञान विभाग के अध्यक्ष डॉ. मनोज कुमार यादव ने किसानों को बीजोपचार, रोग पहचान, रोगमुक्त बीज चयन, खेत स्वच्छता और एकीकृत रोग प्रबंधन तकनीकों के बारे में विस्तार से बताया। उन्होंने रोग पूर्वानुमान अपनाने की सलाह भी दी।
ग्रामीण नेतृत्व और किसानों की भागीदारी
कार्यक्रम की अध्यक्षता ग्राम के सम्मानित किसान श्री राजेंद्र प्रसाद ने की। उन्होंने कहा कि ऐसे कार्यक्रम किसानों के लिए अत्यंत ज्ञानवर्धक होते हैं और नई तकनीक अपनाने का अवसर प्रदान करते हैं।
कार्यक्रम में बड़ी संख्या में किसान व बी.एससी. कृषि रावे के छात्र-छात्राएँ शामिल हुए। छात्रों ने किसानों से संवाद कर व्यावहारिक ग्रामीण अनुभव भी प्राप्त किया।
BAMSHA निदेशक का संबोधन
कार्यक्रम में BAMSHA के निदेशक शशांक भारद्वाज ने कंपनी द्वारा किए जा रहे कार्यों की जानकारी दी तथा रबी मौसम में मक्का की खेती अपनाने के लिए किसानों को प्रेरित किया।
ग्राम के कई गणमान्य लोग रहे उपस्थित
ग्राम प्रधान लल्लन बाबू, कृपाशंकर, राजेश त्रिपाठी, प्रभु शंकर शर्मा, रविकांत त्रिपाठी, अशोक त्रिपाठी, अशोक कुमार, धीरज सिंह सोनी, ब्रह्मानंद, रामचंद्र, राधेश्याम, सतीश बाबू, गिरीश बाबू, रोहित कुमार सहित कई किसान कार्यक्रम में उपस्थित रहे।
यह पूरा कार्यक्रम प्राचार्य प्रो. आर.के. त्रिपाठी के सफल निर्देशन में संपन्न हुआ। किसानों ने नियमित रूप से ऐसी गोष्ठियों के आयोजन की मांग की।
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