इटावा के महेवा बहेड़ा गांव में सोमवार शाम लगभग 6 बजे क्षेत्र पंचायत सदस्य शशि दिवाकर के घर उस समय कोहराम मच गया, जब एकाएक आग की लपटों ने पूरे घर को अपनी चपेट में ले लिया। कुछ ही मिनटों में आग इतनी विकराल हो गई कि सालों की कमाई, गृहस्थी का सारा सामान, अनाज, कपड़े और कीमती फर्नीचर देखते ही देखते राख में बदल गया। घर से उठती लपटें और काले धुएं के गुबार दूर तक दिखाई दे रहे थे।

सबसे बड़ा दर्द यह है कि आगामी 25 नवम्बर को शशि दिवाकर के बेटे सोहित की शादी होनी थी। घर में खुशियों की रौनक थी, सजावट चल रही थी, सामान आ रहा था — पर कुछ ही पलों में शहनाई की तैयारियां चीखों और सन्नाटे में बदल गईं। परिवार के सपनों और उम्मीदों पर आग ने ऐसा वार किया कि घर में मौजूद हर शख्स की आंखें नम हो गईं।
घटना के बाद ग्रामीण बड़ी संख्या में जुटे और बाल्टियों व हैंडपंप से पानी डालकर आग बुझाने में लग गए। करीब दो घंटे की मशक्कत के बाद आग पर काबू तो पा लिया गया, लेकिन तब तक सब कुछ स्वाहा हो चुका था। घर की टिमटिमाती दीवारें अब सिर्फ राख, टूटी उम्मीदें और जल चुकी यादों की गवाही दे रही हैं।
सूचना पर महेवा चौकी पुलिस के दीवान जितेंद्र कुमार, पुष्पेंद्र चौधरी, राजस्व विभाग से लेखपाल राहुल गोयल, सहकारी संघ अध्यक्ष राजीव चौधरी तथा ग्राम प्रधान विजय प्रताप सिंह सेंगर मौके पर पहुंचे और नुकसान का आकलन शुरू कराया। प्रारंभिक कारण शॉर्ट सर्किट बताया जा रहा है।
हादसे के बाद पूरे क्षेत्र में दुख और बेचैनी का माहौल है। ग्रामीणों ने प्रशासन से पीड़ित परिवार को तुरंत आर्थिक सहायता दिलाए जाने की मांग की है, ताकि आने वाली शादी और परिवार की टूटी उम्मीदों को फिर से संबल मिल सके।
