रिपोर्ट -सुशील कान्त चौधरी
जसवंतनगर। श्री राधा गोविंद कान्वेंट स्कूल में आयोजित मोटिवेशनल एवं मिशन शक्ति कार्यक्रम में मुख्य अतिथि के रूप में पहुँचीं जसवंतनगर की सीओ आयुषी सिंह ने बच्चों को मोबाइल के संयमित और सकारात्मक उपयोग की सीख दी। उन्होंने कहा कि बच्चे मोबाइल का जितना कम उपयोग करें उतना बेहतर है, और जब भी करें तो उसका उद्देश्य करियर निर्माण और ज्ञानवर्धन होना चाहिए।

कार्यक्रम की शुरुआत मुख्य अतिथि सीओ आयुषी सिंह, विद्यालय निदेशक श्याम मोहन गुप्ता, मैनेजिंग डायरेक्टर दीपशिखा गुप्ता और प्रधानाचार्य शुभ्रा चतुर्वेदी द्वारा मां सरस्वती की प्रतिमा पर रोली वंदन एवं दीप प्रज्ज्वलन से हुई।
सीओ आयुषी सिंह ने छात्रों को संबोधित करते हुए बताया कि आज रानी लक्ष्मीबाई की जयंती है, जिनका साहस और स्वाभिमान हर विद्यार्थी के लिए प्रेरणादायक है। उन्होंने कहा कि रानी लक्ष्मीबाई का वाक्य “मैं अपनी झांसी नहीं दूंगी” आज भी हमें अपने अधिकारों के लिए संघर्षरत रहने की प्रेरणा देता है।

उन्होंने छोटे बच्चों को फास्ट फूड से दूरी बनाने और हेल्दी फूड अपनाने की सलाह दी। साथ ही बच्चों को मोबाइल को सुरक्षित रखते हुए उसकी प्रोफाइल की प्राइवेसी सेटिंग्स सही रखने के लिए जागरूक किया। मिशन शक्ति के तहत महिला सुरक्षा, हेल्पलाइन नंबरों और गुड टच-बैड टच जैसे महत्वपूर्ण विषयों पर भी विस्तार से चर्चा की।
विद्यालय में चल रही ताइक्वांडो और जूडो क्लासेस की उन्होंने विशेष सराहना करते हुए कहा कि ऐसी गतिविधियाँ बच्चों में आत्मविश्वास बढ़ाती हैं और उन्हें आत्मरक्षा के गुण सिखाती हैं। उन्होंने कहा कि आधुनिक ज्ञान के साथ-साथ संस्कृति और इतिहास का ज्ञान भी बच्चों के लिए आवश्यक है।

इस दौरान नन्हे-मुन्ने बच्चों ने सीओ से जीवन में सफलता, फास्ट फूड छोड़ने और परीक्षा में कम नंबर आने के भय को दूर करने से जुड़े प्रश्न पूछे। उन्होंने बच्चों को सलाह दी कि कभी खुद को छोटा न समझें और निरंतर आगे बढ़ने का प्रयास करते रहें।
कार्यक्रम में नेशनल ताइक्वांडो टूर्नामेंट के विजेता बच्चों को मुख्य अतिथि द्वारा पुरस्कृत किया गया। बच्चों ने जूडो-ताइक्वांडो मार्च पास्ट और फाइटिंग का शानदार प्रदर्शन भी किया।
समापन पर विद्यालय निदेशक श्याम मोहन गुप्ता ने मुख्य अतिथि का आभार व्यक्त किया। इसके बाद मैनेजिंग डायरेक्टर दीपशिखा गुप्ता और प्रधानाचार्य शुभ्रा चतुर्वेदी ने सीओ आयुषी सिंह को माल्यार्पण कर स्मृति चिन्ह भेंट किया।
