रिपोर्ट -सुशील कान्त
जसवंतनगर/इटावा:-विश्व प्रसिद्ध जसवंतनगर रामलीला महोत्सव में गुरुवार को ऐतिहासिक क्षण दर्ज हुआ। परंपरा के 166 वर्षों में पहली बार भगवान श्रीराम, लक्ष्मण और वीर हनुमान का विमान तथा रावण–मेघनाद का डोला युद्ध करते हुए जैन मोहल्ले पहुँचा।

इस पावन आगमन पर जैन समाज और नगरवासियों ने आरती, पुष्पवर्षा और तिलक कर दिव्य स्वागत किया।भगवान राम की सर्वप्रथम आरती मोहित जैन ने कर तिलक और माला पहनाकर स्वागत किया। जैन मंदिर के पास अनिल जैन और ऋषभ जैन ने रामलीला कमेटी के पदाधिकारियों को शाल ओढ़ाकर सम्मानित किया।

वहीं, रामलीला प्रबंधक राजीव गुप्ता ‘बबलू’ ने भी आरती कर श्रद्धा अर्पित की।सड़कों पर जब रावण और मेघनाद के बीच तीर, तलवार और आतिशबाज़ी से युद्ध का मंचन हुआ तो जनसमूह मंत्रमुग्ध हो उठा। रावण की भूमिका में यश दुबे और इंद्रजीत के रूप में रोहित वर्मा ने प्रभावशाली अभिनय कर खूब तालियाँ बटोरीं।भगवान श्रीराम के इस ऐतिहासिक प्रथम आगमन पर जैन समाज और नगरवासी भारी संख्या में उमड़े।

मोहल्ले में जगह-जगह द्वार-द्वार आरती उतारी गई और पुष्पवर्षा कर श्रद्धा व्यक्त की गई।इस अवसर पर अंकित जैन, अमित कुमार (रोडवेज), नितिन जैन, विवेक गुप्ता मोना, श्रेयश मिश्रा, विवेक जैन, गोल्डन जैन, मणिकांत जैन, संजय जैन, अंकुर जैन, तन्मय जैन, दीपक जैन, रोहित जैन, देवेश मिश्रा, तरुण मिश्रा सहित बड़ी संख्या में श्रद्धालु मौजूद रहे। यह पल जसवंतनगर रामलीला के इतिहास में स्वर्णिम अध्याय के रूप में दर्ज हो गया।
